Shiv Parvati Mehndi: महादेव-पार्वती की ऐसी मेहंदी, देखकर दिल ‘Melt’ हो गया, महाशिवरात्रि पर ये डिज़ाइन वायरल
Shiv Parvati Mehndi: महाशिवरात्रि के अवसर पर महादेव और माता पार्वती के मिलन को दर्शाने वाली मेहंदी डिज़ाइन्स का खास महत्व है। ऐसी मेहंदी न केवल आपकी भक्ति को दर्शाती है बल्कि आपके हाथों की खूबसूरती भी बढ़ाती है। यहाँ पर कुछ Shiv Parvati Mehndi डिज़ाइन्स दिए गए हैं, जो महाशिवरात्रि के दिन आपके हाथों को खास बना देंगे।
Shiv Parvati Mehndi Designs
🌸 शिव-पार्वती का क्लासिक डिज़ाइन
शिव-पार्वती का क्लासिक मेहंदी डिज़ाइन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य प्रेम और शक्ति का प्रतीक होता है। यह डिज़ाइन न केवल धार्मिक भावनाओं को दर्शाता है बल्कि इसे हाथों पर बनाने से एक सुंदर और कलात्मक लुक भी मिलता है। आइए इस डिज़ाइन को विस्तार से समझें:
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केंद्र बिंदु (शिव-पार्वती का चेहरा):
- हथेली के बीच में भगवान शिव और माता पार्वती के चेहरे की कलाकृति बनाएं।
- शिव जी के माथे पर त्रिपुंड और तीसरी आंख को दर्शाएं।
- माता पार्वती के माथे पर बिंदी और गहनों को शामिल करें।
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धार्मिक प्रतीक:
- शिव जी के सिर पर चंद्रमा और गंगा का प्रवाह भी दिखा सकते हैं।
- पार्वती जी के सिर पर सिंपल मुकुट या मांग टीका जोड़ सकते हैं।
- त्रिशूल, डमरू और ओम के चिन्ह डिजाइन के चारों ओर जोड़ें।
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सजावट:
- शिव-पार्वती की आकृति के चारों ओर मंडला पैटर्न बनाएं।
- बेल-पत्तियों, कमल के फूलों और छोटे-छोटे डॉट्स से डिज़ाइन को सजाएं।
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विवाह का प्रतीक:
- शिव-पार्वती के मिलन को दर्शाने के लिए सिंदूर या वरमाला की आकृति भी डिज़ाइन में शामिल करें।
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🌿 त्रिशूल और डमरू पैटर्न
त्रिशूल और डमरू भगवान शिव के सबसे प्रमुख Symbol में से हैं, और इन्हें मेहंदी डिज़ाइन में शामिल करना न केवल एक धार्मिक भाव देता है, बल्कि यह डिज़ाइन को और भी आकर्षक और अर्थपूर्ण बनाता है। यह पैटर्न महाशिवरात्रि, सावन महीना, या किसी धार्मिक अवसर पर हाथों पर बेहद सुंदर दिखता है।
1. त्रिशूल का डिज़ाइन:
त्रिशूल शक्ति, न्याय और संतुलन का प्रतीक है। मेहंदी में त्रिशूल को दर्शाने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं:
- आधार रेखा: हथेली के मध्य से एक सीधी रेखा खींचें जो त्रिशूल की डंडी को दर्शाए।
- तीन नुकीले सिरे: इस डंडी के ऊपर त्रिशूल के तीन नुकीले ब्लेड बनाएं।
- बीच वाला ब्लेड थोड़ा ऊँचा और दोनों साइड वाले थोड़े छोटे रखें।
- ब्लेड के सिरों पर छोटे डॉट्स या स्पाइरल पैटर्न बना सकते हैं।
- सजावट:
- त्रिशूल की डंडी के चारों ओर बेल-पत्तियों या फूलों का पैटर्न जोड़ें।
- बीच में “ॐ” या “महादेव” शब्द भी जोड़ा जा सकता है।
🥁 2. डमरू का डिज़ाइन:
डमरू भगवान शिव का वाद्य यंत्र है, जो ब्रह्मांड की अनंत ध्वनि का प्रतीक है।
- आकार बनाना:
- डमरू का आकार दो त्रिकोणों को विपरीत दिशा में जोड़कर बनता है, जिससे यह घंटी जैसी आकृति लेता है।
- डिज़ाइन डिटेलिंग:
- डमरू के बीच में धागे के बंधन को दर्शाने के लिए क्रॉस पैटर्न बनाएं।
- दोनों सिरों पर छोटे गोल डॉट्स बनाकर इसे यथार्थ रूप दें।
- धागा और मोती:
- डमरू से लटकता हुआ धागा और मोती भी दर्शाएं, जिससे यह और आकर्षक दिखे।
🌿 3. त्रिशूल और डमरू को जोड़ना:
- हथेली पर त्रिशूल और कलाई की ओर डमरू का डिज़ाइन बनाएं और दोनों को बेल या पत्तियों से जोड़ें।
- आप त्रिशूल के बीच में डमरू भी बना सकते हैं, जिससे यह एक संयुक्त प्रतीक बनेगा।
🕉️ ओम और नंदी डिज़ाइन
“ॐ” (ओम) और नंदी बैल भगवान शिव के सबसे पवित्र और शक्तिशाली Symbol में से हैं। मेहंदी डिज़ाइन में इन दोनों का समावेश न केवल धार्मिक भावनाओं को दर्शाता है, बल्कि इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और कलात्मकता से भी भर देता है।
यह डिज़ाइन खासकर महाशिवरात्रि, सावन महीना, और अन्य शिव भक्ति के पर्वों के लिए आदर्श है।
1. ओम (ॐ) डिज़ाइन:
“ॐ” को सृष्टि की मूल ध्वनि और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मेहंदी में इसे जोड़ना डिज़ाइन को एक गहन धार्मिक भाव देता है।
- आकृति बनाना:
- हथेली के मध्य में बड़े आकार में “ॐ” चिन्ह बनाएं।
- इसे सुंदरता से उभारने के लिए इसके चारों ओर फूल, बेल या लहरदार पैटर्न जोड़ सकते हैं।
- सजावट:
- ओम के चारों ओर छोटे डॉट्स या तिकोने पैटर्न बनाएं।
- इसके पास छोटे त्रिशूल, शिवलिंग या बेल-पत्तियों का डिज़ाइन जोड़ें।
- फिंगर डिटेलिंग:
- उंगलियों पर छोटे-छोटे “ॐ” के चिन्ह या बेल-पत्तियों की श्रृंखला बनाएं।
🐂 2. नंदी बैल का डिज़ाइन:
नंदी, भगवान शिव का वाहन और उनका सबसे बड़ा भक्त है। नंदी का डिज़ाइन हाथों या पैरों पर बनाना भक्ति और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
- आकृति बनाने के टिप्स:
- नंदी के चेहरे का गोल आकार बनाएं और उसके दोनों तरफ छोटे-छोटे सींग बनाएं।
- उसकी आँखों को बड़ी और गोल बनाएं, जिससे मासूमियत झलके।
- माथे पर छोटा “ॐ” या त्रिशूल का चिन्ह भी जोड़ा जा सकता है।
- सजावट:
- नंदी के गले में घंटी और मोतियों की माला दिखाएं।
- उसके चारों ओर छोटे फूल, बेल या लहरदार पैटर्न जोड़ें।
- विशेष शैली:
- नंदी को बैठी हुई मुद्रा में बनाना शुभ माना जाता है।
- उसके चारों ओर शिवलिंग या त्रिशूल भी डिज़ाइन कर सकते हैं।
🔗 3. ओम और नंदी को कैसे जोड़ें:
- हथेली के केंद्र में “ॐ” चिन्ह बनाएं और उसके नीचे या बाजू में नंदी की आकृति बनाएं।
- दोनों डिज़ाइनों को जोड़ने के लिए बेल-पत्तियों या माला पैटर्न का उपयोग करें।
- नंदी की तरफ नजर आती बेलों को ओम की ओर मोड़ें, जिससे यह एकता का प्रतीक बने।
💫 कावड़ यात्रा प्रेरित डिज़ाइन
कावड़ यात्रा भगवान शिव के भक्तों की आस्था और भक्ति का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इसमें श्रद्धालु नंगे पाँव गंगा जल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। इस यात्रा की ऊर्जा और धार्मिक भावनाओं को मेहंदी डिज़ाइन में उतारना, भक्ति और कला का सुंदर संगम है।
यह डिज़ाइन खासकर सावन महीने, महाशिवरात्रि और कावड़ यात्रा के समय बेहद लोकप्रिय होती है।
1. कावड़ का प्रतीकात्मक डिज़ाइन:
कावड़ यात्रा का मुख्य आकर्षण कंधे पर रखी गई कावड़ होती है।
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आकृति बनाना:
- हथेली या कलाई के बीचों-बीच कावड़ की आकृति बनाएं।
- कावड़ की छड़ी को सीधा और दोनों ओर लटकते जलपात्र दिखाएं।
- जलपात्र पर बेल-पत्तियों और छोटे-छोटे बिंदुओं से सजावट करें।
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डिटेलिंग:
- कावड़ के चारों ओर छोटे त्रिशूल, “ॐ” चिन्ह और बेल-पत्तियों की डिज़ाइन बनाएं।
- जलपात्र से निकलती बूंदों को दिखाते हुए कावड़ के नीचे शिवलिंग का चित्र उकेरें।
🕉️ 2. भक्ति भाव को दर्शाने वाले प्रतीक:
कावड़ यात्रा केवल भौतिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक भक्ति का प्रतीक है।
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शिवलिंग डिज़ाइन:
- हथेली या कलाई के पास एक छोटा शिवलिंग डिज़ाइन बनाएं।
- शिवलिंग पर गंगा जल की बूंदें गिरती हुई दिखाएं।
- बेल-पत्तियों और त्रिपुंड (तीन रेखाएं) से इसे सजाएं।
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डमरू और त्रिशूल:
- कावड़ के पास या उंगलियों पर छोटे डमरू और त्रिशूल का चित्र बनाएं।
- डमरू के चारों ओर छोटी रेखाएं और बिंदु जोड़कर उसे आकर्षक बनाएं।
🏞️ 3. यात्रा से जुड़े प्राकृतिक तत्व:
कावड़ यात्रा प्रकृति और भक्ति का संगम है, इसलिए प्राकृतिक डिजाइन भी जोड़ें।
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पानी की लहरें:
- कावड़ के नीचे बहती गंगा नदी की लहरों की आकृति बनाएं।
- लहरों के बीच छोटे बिंदु और फूल जोड़ें।
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सूरज और चाँद:
- कावड़ यात्रा की लंबी यात्रा को दर्शाने के लिए सूर्य और चंद्रमा के प्रतीक बनाएं।
- यह यात्रा के दौरान दिन-रात के संघर्ष और भक्ति को दर्शाएगा।
🌼 फूल-पत्तियों से सजा शिव पार्वती पैटर्न
- शिव-पार्वती की आकृति के चारों ओर बेल और फूल बनाएं।
- डॉट्स और लहरों का उपयोग करके डिज़ाइन को भरें।
🎨 डिज़ाइन बनाने के आसान टिप्स:
- प्राकृतिक मेहंदी का उपयोग करें ताकि रंग गहरा आए।
- पहले हल्के स्ट्रोक्स से आकृति बनाएं और फिर डिटेलिंग करें।
- मेहंदी सूखने के बाद नींबू और चीनी का मिश्रण लगाएं ताकि रंग लंबे समय तक टिके।
✨ महाशिवरात्रि के लिए विशेष डिज़ाइन आइडियाज़:
- शिवलिंग और जलधारा को जोड़कर मेहंदी में धार्मिक भाव दर्शाएं।
- माता पार्वती के श्रृंगार के तत्व जैसे बिंदी और झुमके को डिज़ाइन में शामिल करें।
- हाथों के साथ पैरों पर भी बेल-पत्तियों के पैटर्न का इस्तेमाल करें।
🌟 मेहंदी लगाने के बाद देखभाल:
- मेहंदी सूखने तक पानी से दूर रखें।
- हल्दी या नारियल तेल का उपयोग कर रंग को और गहरा करें।
- ज्यादा समय तक गहरा रंग बनाए रखने के लिए साबुन का कम इस्तेमाल करें।